बेरी के दरख़्त के अनोखे राज़...

Author: Admin Labels::


हर बेरी के दरख़्त पर नेक जिन्नात का बसेरा होता है. बेरी के पत्तों के ज़रिये जादू, सहर का इलाज हदीस मुबारक से साबित है. बेरी के पत्तों से मैयत को नहलाना.  इसमें अनोखे राज़ हैं. असल में बेरी के दरख़्त को अर्शी निस्बत हासिल है. अल्लाह के अर्श पर बेरी का एक दरख़्त है, जिसे सदरतुल मन्तहा कहते हैं. इसके इर्द-गिर्द फ़रिश्तों का हुजूम रहता है. ज़मीन से जो भी आमाल जाते हैं, वो सदरतुल मन्तहा पर जाकर ठहर जाते हैं और फिर अर्शे-माला पर जाते हैं...

0 comments |

بسم الله الرحمن الرحيم

بسم الله الرحمن الرحيم

Allah hu Akbar

Allah hu Akbar
अपना ये बलॊग हम अपने पापा मरहूम सत्तार अहमद ख़ान को समर्पित करते हैं...
-फ़िरदौस ख़ान

This blog is devoted to my father Late Sattar Ahmad Khan...
-Firdaus Khan

इश्क़े-हक़ी़क़ी

इश्क़े-हक़ी़क़ी
फ़ना इतनी हो जाऊं
मैं तेरी ज़ात में या अल्लाह
जो मुझे देख ले
उसे तुझसे मुहब्बत हो जाए

List

Popular Posts

Followers

Follow by Email

Translate

Powered by Blogger.

Search This Blog

इस बलॊग में इस्तेमाल ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं
banner 1 banner 2