अमानत
Author: Admin Labels:: सही बुख़ारीअल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि जब अमानत उठ जाए, तो क़यामत क़ायम होने का इंतज़ार कर.
एक देहाती ने कहा- ऐ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ! ईमानदारी उठने का क्या मतलब है?
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि जब हुकूमत के कारोबार नालायक़ लोगों को सौंप दिए जाएं, तो क़यामत होने का इंतज़ार कर.
(सही बुख़ारी : 59)
