मोमिन इमारत की तरह हैं
Author: Admin Labels:: सही बुख़ारी, सही मुस्लिमअल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि मुमिन दूसरे के लिए एक इमारत की तरह हैं, जिसकी एक ईंट दूसरी ईंट को मज़बूत करती है.
(सही बुख़ारी 481, सही मुस्लिम 2585)
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