रब से गुफ़्तगू
Author: Admin Labels:: रब से गुफ़्तगूमैंने कहा कि ऐ मेरे परवरदिगार ! मैं बहुत गुनाहगार हूं.
जवाब मिला : अल्लाह की रहमत से मायूस न हो. अल्लाह सब गुनाह बख़्श देगा. बेशक वह बड़ा बख़्शने वाला और बड़ा मेहरबान है.
मैंने कहा कि ऐ मेरे परवरदिगार ! मुझे तेरी मदद कैसे मिलेगी ?
जवाब मिला : सब्र और नमाज़ से मदद लिया करो.
मैंने कहा कि ऐ मेरे परवरदिगार ! मेरे दिल को सुकून नहीं है.
जवाब मिला : बेशक अल्लाह की याद से ही दिलों को सुकून और इत्मीनान मिलता है.
मैंने कहा कि ऐ मेरे परवरदिगार ! मैं बहुत तन्हा हूं.
जवाब मिला : बेशक हम तुम्हारी शह रग से भी ज़्यादा क़रीब हैं.
मैंने कहा कि ऐ मेरे परवरदिगार ! मुझे कोई याद नहीं करता.
जवाब मिला : तुम हमें याद करो, हम तुम्हें याद करेंगे.
हर मर्ज़ का इलाज है
Author: Admin Labels:: बीमारीडॉ फ़िरदौस ख़ान
दुनिया में ऐसा कोई भी मर्ज़ नहीं है, जिसका इलाज न हो. मुख़तलिफ़ हदीसों से ये बात साबित है. इसलिए किसी भी मर्ज़ में मुब्तिला होने पर उसके इलाज पर ख़ास तवज्जो देनी चाहिए.
चटनी से शुगर कंट्रोल करें
Author: Admin Labels:: शुगरआज हम एक ऐसी चटनी का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसके सेवन से शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है. शुगर के कई मरीज़ों को इससे फ़ायदा हुआ है,
आज़माइशें
Author: Admin Labels:: आज़माइशें(सुनन तिर्मिज़ी इब्ने माजा 2399)
मज़दूरों का हक़
Author: Admin Labels:: मज़दूरों का हक़अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- "मज़दूर का पसीना ख़ुश्क होने से पहले उसकी मज़दूरी अदा कर दो."
(सुनन इब्ने माजा 2443)
(सही बुख़ारी 2227)
इशराक़ की नमाज़
Author: Admin Labels:: Salat, इबादत, इस्लाम, नमाज़, नमाज़-इशराक़इशराक़ की नमाज़ हज और उमरा का सवाब
हज़रत अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया-" जो शख़्स नमाज़-ए-फ़ज्र बा-जमाअत अदा करे, फिर अपनी जगह पर बैठकर सूरज तुलुअ होने तक अल्लाह का ज़िक्र करता रहे. फिर दो रकअत इशराक़ की नमाज़ पढ़े, तो उसे कामिल हज और उमरा का सवाब मिलता है."
हज़रत हसन बिन अली रज़ियल्लाहु अन्हु से नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इरशाद नक़ल किया गया है, जो शख़्स फ़ज्र की नमा पढ़कर सूरज निकलने तक अल्लाह तअला के ज़िक्र में मशग़ूल रहता है. फिर दो या चार रकअत इशराक़ की नमाज़ पढ़ता है, तो उसकी खाल को भी दोज़ख़ की आग न छुएगी.
चाश्त की नमाज़
Author: Admin Labels:: नमाज़, नमाज़- चाश्तचाश्त की नमाज़ का सही वक़्त आफ़ताब के ख़ूब तुलूअ हो जाने पर शुरू होता है. चाश्त में कम से कम दो और ज़्यादा से ज़्यादा 12 अकअत पढ़ी जाती हैं.
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चाश्त की चार रकअत पढ़ते थे और अल्लाह जिस क़द्र चाहता, उतनी पढ़ लेते. (सही मुस्लिम 719)
आत्मा, भूत-प्रेत
Author: Admin Labels:: भूत-प्रेत
सबसे पहले हम बात करते हैं अकाल मौत की. हक़ीक़त ये है कि अल्लाह ने हर जानदार की मौत का एक वक़्त मुक़र्रर कर रखा है. जब, जहां, जैसे जिसकी मौत लिखी हुई है, उसी तरह उसे मौत आती है. क़ुरआन करीम में अल्लाह तआला फ़रमाता है- “फिर जब उनका वक़्त आ जाता है, तो वे न एक घड़ी पीछे हट सकते हैं और न आगे बढ़ सकते हैं.”
इसीलिए हम कह सकते हैं कि कोई भी अकाल मौत नहीं मरता. सब अपने वक़्त पर ही मरते हैं.
जहां तक किसी की आत्मा द्वारा किसी को परेशान करने का सवाल है, तो ये बात भी बिल्कुल ग़लत है. जब मौत का फ़रिश्ता 'मलक अल-मौत’ किसी की रूह को क़ब्ज़ कर लेता है, तो इसके बाद रूह अपने अंजाम की तरफ़ चली जाती है यानी वह बरज़ख़ में रहती है. बरज़ख़ वह जगह है, जहां क़यामत तक रूहें रहती हैं. जब रूहें बरज़ख़ में पहुंच जाती हैं, तो उनके द्वारा किसी को परेशान करने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
अब सवाल ये है कि कुछ लोगों को जो कथित भूत-प्रेत दिखाई देते हैं, आख़िर वे क्या हैं?
दरअसल जिन्हें लोग किसी की आत्मा, भूत या प्रेत समझते हैं, वे जिन्न होते हैं. जिन्न भी एक मख़लूक़ है. क़ुरआन करीम में जिन्नात का ज़िक्र आता है. ये आग से बने होते हैं. इनका काम ही इंसानों को परेशान करना है. हां, कुछ अच्छे जिन्न भी होते हैं.
जिन्न रूप बदलने में माहिर होते हैं.
हमज़ाद के बारे में भी इंशा अल्लाह कभी लिखेंगे.
-डॉ फ़िरदौस ख़ान
तस्वीर गूगल से साभार
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान
Author: Admin Labels:: दुआमौत जब भी आए, तो अपनों के बीच चहारदीवारी में आए. और रूह क़ब्ज़ करने वाला फ़रिश्ता ये पैग़ाम लेकर आए-
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान !
तू अपने परवरदिगार की तरफ़ इस हाल में लौट आ कि तू उससे राज़ी और वह तुझसे राज़ी है.
फिर तू हमारे बन्दों में शामिल हो जा.
और हमारी जन्नत में दाख़िल हो जा.
अल क़ुरआन सूरह 89 आयत 27-30
#फ़हम_अल_क़ुरआन S










