नमाज़ की फ़ज़ीलत
Author: Admin Labels:: नमाज़, नमाज़ की फ़ज़ीलतअल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- " जो शख़्स इस हालत में अल्लाह से मुलाक़ात करे कि वह पाँचों नमाज़ें अदा करता था, तो उसे बख़्श दिया जाएगा/"
(मिश्कात-उल-मसाबीह 47)
अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- "अगर किसी को मालूम हो जाए कि ज़ुहर अव्वल वक़्त पढ़ने का कितना सवाब है, तो वह उसकी तरफ़ एक दूसरे से सबक़त ले जाने की कोशिश करेंगे."
(सुनन निसाई 673)
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