अव्वाबीन की नमाज़
Author: Admin Labels:: Salat, इबादत, इस्लाम, नमाज़, नमाज़-अव्वाबीनअल्लाह के आख़िरी रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- "जिसने मग़रिब की नमाज़ के बाद छह रकअतें अव्वाबीन की पढ़ीं, उसे बारह साल की इबादत का सवाब मिलेगा."
(सुनन तिर्मिज़ी 435)
(सुनन तिर्मिज़ी 435)
नमाज़ अव्वाबीन के बारे में अमार बिन यासिर सहाबी रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया है कि मैंने रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा कि आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मग़रिब के बाद रकअतें पढ़ते हैं. हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- "जो ये नमाज़ पढ़ता है, उसकी मग़फ़िरत हो जाती है, चाहे उसके गुनाह समन्दर के झाग के बराबर हों."
नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- "जो शख़्स मग़रिब के बाद 20 रकअत पढ़ेगा, अल्लाह तअला उसके लिए जन्नत में एक महल तामीर करवाएगा. जन्नत के एक दरवाज़े का नाम अव्वाब है, जो क़यामत के दिन अल्लाह तअला से दरख़्वास्त करेगा कि ऐ अल्लाह ! जिसने मेरे नाम वाली नमाज़ पढ़ी, उसे मुझमें दाख़िल फ़रमा. अल्लाह उसकी दरख़्वास्त क़ुबूल करेगा. इसके कम से कम दो नफ़िल पढ़े जाते हैं. और ये नफ़िल मग़रिब की नमाज़ के बाद पढ़े जाते हैं."

