ऐ इत्मीनान पाने वाली जान
Author: Admin Labels:: दुआमौत जब भी आए, तो अपनों के बीच चहारदीवारी में आए. और रूह क़ब्ज़ करने वाला फ़रिश्ता ये पैग़ाम लेकर आए-
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान !
तू अपने परवरदिगार की तरफ़ इस हाल में लौट आ कि तू उससे राज़ी और वह तुझसे राज़ी है.
फिर तू हमारे बन्दों में शामिल हो जा.
और हमारी जन्नत में दाख़िल हो जा.
अल क़ुरआन सूरह 89 आयत 27-30
#फ़हम_अल_क़ुरआन S

