माइग्रेन का घरेलू इलाज

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फ़िरदौस ख़ान 
माइग्रेन यानी अधकपार यानी आधे सिर का दर्द. माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार सिर में तेज़ दर्द होता है. आमतौर पर यह दर्द आधे सिर में होता है और रह-रहकर उठता है. हालांकि कई लोगों को पूरे सिर में भी दर्द होता है. माइग्रेन का मरीज़ तेज़ रौशनी और तेज़ आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर पाता. सिरदर्द की वजह से वह चिड़चिड़ा हो जाता है.
माइग्रेन का इलाज हमारे घर में ही मौजूद है. अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ सौंफ़ लें. जितनी भी सौंफ़ ली हो, उसमें से आधी सौंफ़ को देसी घी में हल्का सुनहरा होने तक भून लें. ठंडा होने पर भुनी हुई सौंफ़ को कच्ची सौंफ़ में मिला लें. इसे किसी डिब्बे या जार में भरकर रख लें. दिन में तीन से चार बार तक इसे खाएं. इंशा अल्लाह कुछ दिन में फ़र्क़ महसूस होने लगेगा.
हमने अपने बचपन से लेकर अब तक माइग्रेन के बहुत से मरीज़ों को इस इलाज से ठीक होते हुए देखा है. हमारी प्यारी अम्मी मरहूमा ख़ुशनूदी ख़ान उर्फ़ चांदनी ख़ान ने  हमें ये इलाज बताया था.   

सुबह निहार मुंह 5,7, 9 जैसी विषम संख्या में बादाम लें. एक छोटे चम्मच घी में उसे तलकर बाहर निकाल लें. फिर उस घी में एक गिलास दूध छोंक दें. बादाम अच्छी तरह चबाकर खा जाएं और उसके बाद दूध पी लें. फिर आधा घंटे तक कुछ खाये-पियें नहीं. दो महीने तक ऐसा करें. इंशा अल्लाह माइग्रेन से छुटकारा मिल जाएगा. यह इलाज जोधपुर के महावैद्य रंगोजी का बताया हुआ है, जिन्हें आज भी जोधपुरवासी याद करते हैं. 

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अपना ये रूहानी ब्लॉग हम अपने पापा मरहूम सत्तार अहमद ख़ान और अम्मी ख़ुशनूदी ख़ान 'चांदनी' को समर्पित करते हैं.
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This blog is devoted to my father Late Sattar Ahmad Khan and mother Late Khushnudi Khan 'Chandni'...
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