शैतान घर में कहां रहते हैं
Author: Admin Labels:: शैतानघर में सिर्फ़ इंसान ही नहीं रहते, बल्कि अल्लाह की दूसरी मख़लूक़ भी रहती है. इनमें शैतान भी शामिल हैं. घर में तीन जगहें ऐसी हैं, जहां शैतान रहते हैं.
पहला बिस्तर
वह बिस्तर जिस पर कोई नहीं सोता. मिसाल के तौर पर मेहमानों का कमरा, जिसमें बिस्तर हो और लम्बे अरसे से उस पर कोई सोया और उसे वैसे ही बिछा छोड़ दिया गया हो.
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:
"فِراشٌ للرجلِ، وَ فراشٌ لأهلِه، وَ الثالِثُ للضيفِ، وَ الرابِعُ للشيطانِ"
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:
"فِراشٌ للرجلِ، وَ فراشٌ لأهلِه، وَ الثالِثُ للضيفِ، وَ الرابِعُ للشيطانِ"
यानी एक बिस्तर आदमी के लिए है, एक उसके घरवालों के लिए, तीसरा मेहमान के लिए और चौथा शैतान के लिए है. (मुस्लिम)
इसलिए ऐसे बिस्तर को समेट देना चाहिए, ताकि शैतान उसका इस्तेमाल न कर सके.
दूसरा बैतुल-ख़ला
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:
"إن هذه الحشوش محتضرة فإذا أتاها أحدكم فليقل : بسم الله أعوذ بالله من الخبث و الخبائث"
यानी ये बैतुल-ख़ला (जिन्नों की) मौजूदगी की जगहें हैं, इसलिए जब तुम में से कोई वहां दाख़िल हो तो कहे:
बिस्मिल्लाह, अऊज़ु बिल्लाहि मिनल ख़ुब्सि वल ख़बाइस. (मुस्लिम)
बेहतर है कि वहां सिर्फ़ ज़रूरत के वक़्त ही बात करने की जाए.
तीसरा लटके कपड़े
वे कपड़े जो लम्बे वक़्त तक खुले में लटके रहें, न पहने जाएं और न साफ़ किए जाएं.
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:
"أُطووا ثيابكم فإن الشيطان يسكن كل ثياب منشورة"
यानी अपने कपड़ों को तह करके रखो, क्योंकि शैतान हर खुले (फैले हुए) कपड़े में रहने लगता है.
(इस हदीस को शेख़ अल्बानी रहमतुल्लाह अलैह ने हसन क़रार दिया है)
अल्लाह के महबूब और हमारे प्यारे आक़ा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:
"أُطووا ثيابكم فإن الشيطان يسكن كل ثياب منشورة"
यानी अपने कपड़ों को तह करके रखो, क्योंकि शैतान हर खुले (फैले हुए) कपड़े में रहने लगता है.
(इस हदीस को शेख़ अल्बानी रहमतुल्लाह अलैह ने हसन क़रार दिया है)
